सफल रही न्यायालय कर्मियों की पहले दिन की हडृताल
बिहार राज्य व्यवहार न्यायालय कर्मचारी संघ के आह़वान पर आज दिनांक 16/01/2025 से बिहार राज्य के सभी जिला न्यायालयों के कर्मचारियों ने अनिश्चित कालीन कलमबन्द हडताल शुरू कर दिया है। कर्मचारियों ने अपने चार सूत्री मांगों की पूर्ति के होने तक हडताल पर रहने का हवाला दिया है। कर्मचारियों का कहना है कि बिहार सरकार, माननीय सर्वोच्य न्यायालय के आदेश एवं माननीय उच्च न्यायालय के स्टैडिंग कमिटी की अनुशंसा के बाद भी वेतन विसंगती को दूर करने के बजाय ऐन केन प्रकारेन हमारी उपेक्षा कर रही है। उनके आश्रितों को नौकरी में बहाली नही हो रही है अब तक करोना में दिवंगत साथियों के परिजन को अनुकम्पा का लाभ नही मिल पाया है। विगत तीस वर्षो से न्यायालय कर्मियों को पदोन्नती नही दी गयी है। इसतरह के गम्भीर आरोप के साथ न्यायालय कर्मी अपना हडताल जारी रखेंगे है।
बिहार राज्य व्यवहार न्यायालय कर्मचारी संघ के आह्वान पर बिहार के सभी जिला के सिविल कोर्ट के सभी न्यायालय कर्मियों ने अनिश्चितकालीन सामुहिक हड़ताल की घोषणा की है। आज दिनांक-16.01.2025 , दिन गुरुवार से न्यायालय के सभी न्यायिक कार्य ठप्प हो गए। अपनी चार सूत्री मांगों को लेकर सभी न्यायालय कर्मी सामुहिक हड़ताल पर हैं। उनकी चार सूत्री मांगों में शत-प्रतिशत अनुकंपा पर नौकरी, सभी संवर्गों के वेतन विसंगति को दूर करने, सभी तृतीय एवं चतुर्थ वर्गों के कर्मचारियों को शीघ्र पदोन्नति देने, विशेष न्यायिक कैडर लागू करने आदि की मांगे हैं। विरोध कर रहे न्यायालय कर्मियों में सैकड़ो न्यायालय कर्मी/ कर्मचारी शामिल हैं।
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